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Vendor Policy

File 1: Introduction (परिचय)

Piczo क्या है?

Piczo एक अत्याधुनिक ‘Hyper-local On-demand Marketplace’ है, जो स्थानीय दुकानदारों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाता है। हमारा प्लेटफॉर्म ग्राहकों को उनके निकटतम विक्रेताओं से जोड़ता है और 30-60 मिनट के भीतर उत्पादों की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करता है।

Vendor (विक्रेता) कौन है?

वेंडर’ वह व्यक्ति, फर्म या संस्था है जो कानूनी रूप से व्यापार करने के लिए अधिकृत है और Piczo प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुँचाना चाहता है।

2: Agreement का उद्देश्य (Purpose)

2.1 साझेदारी का आधार:

इस नीति (Policy) का मुख्य उद्देश्य Piczo और वेंडर के बीच व्यापारिक संबंधों, संचालन के नियमों और वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता को स्पष्ट करना है। यह समझौता सुनिश्चित करता है कि ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्राप्त हो।

2.2 मध्यस्थ की भूमिका:

वेंडर स्वीकार करता है कि Piczo केवल एक ‘Intermediary’ (मध्यस्थ) है जो वेंडर और ग्राहक के बीच तकनीकी और लॉजिस्टिक (डिलीवरी) पुल का काम करता है। उत्पादों के स्वामित्व और गुणवत्ता की जिम्मेदारी पूर्णतः वेंडर की होगी।

File 3: लागू होने की शर्तें (Applicability)

3.1 प्रभावी तिथि:

यह नीति 01 मार्च 2026 (या अपनी तारीख डालें) से सभी पंजीकृत वेंडर्स पर प्रभावी रूप से लागू मानी जाएगी।

3.2 डिजिटल स्वीकृति:

Piczo प्लेटफॉर्म पर ‘Register’ या ‘I Agree’ बटन दबाने का अर्थ है कि वेंडर ने इस समझौते की सभी शर्तों को बिना किसी दबाव के पढ़ लिया है और स्वीकार कर लिया है।

3.3 नीति में संशोधन:

Piczo के पास बाजार की स्थितियों के अनुसार इस पॉलिसी में बदलाव करने का सर्वाधिकार सुरक्षित है। किसी भी बड़े बदलाव की सूचना वेंडर को ईमेल या डैशबोर्ड के माध्यम से दी जाएगी।

फ़ाइल 1: कौन Vendor बन सकता है? (Eligibility Criteria)

2.1 विक्रेता की पात्रता (Vendor Eligibility):

कानूनी इकाई: कोई भी व्यक्ति, फर्म, या कंपनी जो भारतीय कानूनों के तहत व्यवसाय करने के लिए अधिकृत है, Piczo पर वेंडर बन सकता है।

भौतिक स्टोर/गोदाम: वेंडर के पास एक निश्चित भौतिक स्थान (Physical Store or Warehouse) होना अनिवार्य है, जहाँ से Piczo का डिलीवरी पार्टनर सामान पिक-अप कर सके।

स्टॉक उपलब्धता: वेंडर के पास उन उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए जिन्हें वह प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करना चाहता है।

फ़ाइल 2: आवश्यक दस्तावेज और KYC (Documentation & Verification)

2.2 अनिवार्य दस्तावेज़ (Required Documents):

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वेंडर को निम्नलिखित दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी जमा करनी होगी:

व्यापार पहचान: GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) या ट्रेड लाइसेंस।

खाद्य सुरक्षा (Food Safety): खाने-पीने का सामान बेचने वालों के लिए FSSAI लाइसेंस अनिवार्य है।

पहचान और पता प्रमाण: प्रोपराइटर/डायरेक्टर का आधार कार्ड और पैन (PAN) कार्ड।

बैंक विवरण: भुगतान के लिए कैंसिल चेक (Cancelled Cheque) या बैंक पासबुक की कॉपी।

2.3 KYC सत्यापन (Verification):

Piczo की टीम जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेगी। वेरिफिकेशन प्रक्रिया सफल होने के बाद ही वेंडर का स्टोर लाइव किया जाएगा।

फ़ाइल 3: गलत जानकारी पर कार्रवाई (Action on False Information)

2.4 गलत सूचना और धोखाधड़ी पर नीति:

सत्यता की घोषणा: वेंडर यह स्वीकार करता है कि उसके द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी और दस्तावेज पूरी तरह से सत्य और सटीक हैं।

दंडात्मक कार्यवाही: यदि जांच के दौरान कोई भी दस्तावेज नकली (Fake) या जानकारी गलत पाई जाती है, तो Piczo के पास निम्नलिखित अधिकार सुरक्षित हैं:

वेंडर के अकाउंट को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (Suspend) या टर्मिनेट करना।

वेंडर के लंबित भुगतानों (Payments) को रोकना।

धोखाधड़ी के मामले में उचित कानूनी कार्यवाही करना।

3: ऑर्डर और पैकिंग का समय (Order & Packing SLA)

3.1 ऑर्डर स्वीकार करने की समय सीमा (Order Acceptance Time):

3-मिनट नियम (SLA): ग्राहक का अनुभव बेहतर बनाने के लिए, वेंडर को नया ऑर्डर मिलने के 180 सेकंड (3 मिनट) के भीतर उसे ‘Accept’ करना होगा।

ऑटो-कैंसिलेशन: यदि वेंडर 3 मिनट में रिस्पॉन्स नहीं देता है, तो सिस्टम ऑर्डर को अपने आप कैंसिल कर सकता है, जिससे वेंडर की रेटिंग प्रभावित होगी।

3.2 तैयारी का समय (Turnaround Time – TAT):

ग्रोसरी/डेली नीड्स: ऑर्डर स्वीकार करने के बाद 3-5मिनट में पैकिंग पूरी होनी चाहिए।

अन्य उत्पाद: अधिकतम 10 मिनट के भीतर पिक-अप के लिए सामान तैयार होना चाहिए।

1: इन्वेंट्री और स्टॉक प्रबंधन (Inventory Management)

1.1 स्टॉक की उपलब्धता:

रियल-टाइम अपडेट: वेंडर को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो सामान piczo.in पर ‘Available’ दिख रहा है, वह उसकी दुकान में मौजूद हो।

आउट ऑफ स्टॉक (Out of Stock): यदि कोई सामान खत्म हो गया है, तो वेंडर को उसे तुरंत वेंडर डैशबोर्ड से ‘Inactive’ करना होगा।

जुर्माना: यदि कोई ऑर्डर ‘स्टॉक न होने’ के कारण कैंसिल होता है, तो Piczo वेंडर पर प्रति ऑर्डर ₹20 से ₹50 का ‘Inconvenience Fee’ लगा सकता है।

फ़ाइल 3: पैकिंग और क्वालिटी कंट्रोल (Packaging & Quality)

3.4 पैकेजिंग के मानक (Packaging Standards):

सुरक्षित पैकिंग: वेंडर को सामान इस तरह पैक करना होगा कि वह डिलीवरी के दौरान गिरे या खराब न हो। तरल पदार्थों (Liquids) के लिए लीकेज-प्रूफ पैकिंग अनिवार्य है।

ब्रांडिंग: वेंडर केवल Piczo द्वारा अप्रूव्ड या सादे (Plain) पैकिंग मटेरियल का उपयोग करेगा। किसी अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांड की थैली का उपयोग वर्जित है।

3.5 गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control):

एक्सपायरी चेक: वेंडर कभी भी एक्सपायर्ड या खराब सामान नहीं भेजेगा।

रिटर्न जिम्मेदारी: यदि ग्राहक को गलत, टूटा हुआ या खराब सामान मिलता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी और उसे रिफंड या रिप्लेसमेंट देना होगा। फ़ाइल 1: मूल्य निर्धारण और कानूनी अनुपालन (Pricing & Legal Compliance)

1.1 मूल्य निर्धारण का अधिकार (Pricing Authority): प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध प्रत्येक उत्पाद का विक्रय मूल्य (Sale Price) निर्धारित करने का पूर्ण और अनन्य अधिकार केवल वेंडर (Vendor) के पास होगा।

1.2 MRP की मर्यादा (MRP Limit): वेंडर यह सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है कि किसी भी उत्पाद का ‘बिक्री मूल्य’ उसके वास्तविक ‘अधिकतम खुदरा मूल्य’ (MRP) से अधिक न हो।

1.3 कानूनी उत्तरदायित्व: यदि कोई वेंडर MRP से अधिक मूल्य पर उत्पाद बेचता है, तो उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनी कार्यवाही या जुर्माने के लिए वेंडर स्वयं जिम्मेदार होगा।

फ़ाइल 2: नैतिक डिस्काउंट नीति (Ethical Discounting Policy)

2.1 नकली छूट पर प्रतिबंध (No Fake Discounts): ग्राहकों को गुमराह करने के उद्देश्य से उत्पाद की कीमत को बढ़ाकर दिखाना और फिर उस पर ‘झूठी छूट’ (Fake Discount) का दावा करना सख्त वर्जित है।

2.2 वास्तविक ऑफर्स: वेंडर द्वारा दिए जाने वाले सभी डिस्काउंट पारदर्शी और वास्तविक होने चाहिए।

2.3 दंडात्मक कार्रवाई: भ्रामक मूल्य निर्धारण या फेक डिस्काउंट पाए जाने पर कंपनी (Piczo) बिना किसी पूर्व सूचना के वेंडर की लिस्टिंग या अकाउंट को सस्पेंड करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

फ़ाइल 3: उत्पाद सूची और विवरण मानक (Product Listing & Description Standards)

3.1 विवरण की सटीकता (Accuracy): वेंडर को प्रत्येक उत्पाद का 100% सही और स्पष्ट विवरण देना अनिवार्य है।

3.2 अनिवार्य शब्दावली: उत्पाद के विवरण में “कुर्ता”, “पैंट”, “पजामा” या “दुपट्टा” जैसे शब्दों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए ताकि ग्राहक को सेट की पूरी जानकारी मिले।

3.3 विजुअल मैच: वेबसाइट पर दिखाई गई इमेज और वास्तविक उत्पाद में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।

3.4 रिटर्न का दायित्व: यदि उत्पाद विवरण के अनुसार नहीं पाया जाता (जैसे: इमेज में पलाज़ो और पैकेट में पजामा), तो रिटर्न का पूरा शिपिंग खर्च वेंडर द्वारा वहन किया जाएगा

5: सेवा शुल्क और कमीशन (Service Fee & Commission Structure)

5.1 कमीशन संरचना (Commission Structure): वेंडर द्वारा बेचे गए प्रत्येक सफल ऑर्डर पर कंपनी एक निश्चित ‘प्लेटफ़ॉर्म सर्विस फीस’ (Commission) लेगी। यह फीस प्रोडक्ट की श्रेणी (Category) और उसकी ‘बिक्री कीमत’ (Sale Price) के आधार पर तय की जाएगी।

5.2 सर्विस टैक्स (GST on Service Fee): कंपनी द्वारा ली जाने वाली सर्विस फीस/कमीशन पर नियमानुसार 18% GST लागू होगा। यह टैक्स वेंडर के पेआउट से काटकर सरकारी नियमों के तहत जमा किया जाएगा।

5.3 पेमेंट गेटवे शुल्क (Gateway Charges): ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया में लगने वाले गेटवे चार्जेस (जैसे ट्रांजेक्शन फीस) वेंडर के अंतिम पेआउट से काटे जाएंगे।

फ़ाइल 2: भुगतान चक्र और सेटलमेंट (Payment Cycle – T+3)

5.4 भुगतान की अवधि (T+3 Settlement): वेंडर का भुगतान T+3 के आधार पर प्रोसेस किया जाएगा। यहाँ ‘T’ का अर्थ है—ग्राहक को उत्पाद की सफल डिलीवरी और रिटर्न/रिप्लेसमेंट की समय सीमा (Return Window) समाप्त होने का दिन।

5.5 भुगतान का माध्यम: सभी भुगतान डिजिटल माध्यम (NEFT/RTGS/UPI) से वेंडर द्वारा पंजीकृत (Registered) बैंक खाते में ही किए जाएंगे।

5.6 विवादित ट्रांजेक्शन: यदि किसी उत्पाद के विवरण (Product Description) और वास्तविक उत्पाद में भिन्नता पाई जाती है, तो विवाद सुलझने तक उस ऑर्डर का भुगतान रोका जा सकता है।

फ़ाइल 3: जुर्माना, टैक्स और जिम्मेदारी (Penalty & Tax Responsibility)

5.7 जुर्माना समायोजन (Penalty Adjustment): यदि वेंडर प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करता है (जैसे: गलत प्रोडक्ट विवरण, नकली डिस्काउंट, या डिलीवरी में देरी), तो निर्धारित ‘जुर्माना राशि’ वेंडर के अगले पेआउट से सीधे एडजस्ट कर ली जाएगी।

5.8 टैक्स की जिम्मेदारी (Vendor’s GST): बेचे गए उत्पाद पर लगने वाले किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर (GST आदि) को कलेक्ट करने और सरकार को भरने की पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी। कंपनी केवल अपनी ‘सर्विस फीस’ के टैक्स के लिए उत्तरदायी है।

5.9 इनवॉइसिंग और रिकॉर्ड: वेंडर ग्राहक को सही टैक्स इनवॉइस प्रदान करने के लिए बाध्य है। इनवॉइस में उत्पाद की सही कीमत, श्रेणी और लागू टैक्स का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

6: ग्राहक रिटर्न और रद्दीकरण नियम (Customer Return & Cancellation Rules)

6.1 “Check then Pay” अनुपालन: वेंडर को सूचित किया जाता है कि ग्राहक को डिलीवरी के समय ही उत्पाद की भौतिक जाँच (Physical Inspection) करने का अधिकार है। यदि ग्राहक संतुष्ट नहीं है, तो वह उत्पाद को मौके पर ही अस्वीकार (Reject) कर सकता है।

6.2 स्वीकृति के बाद कोई रिटर्न नहीं: एक बार ग्राहक ने उत्पाद को चेक करके स्वीकार (Accept) कर लिया और भुगतान कर दिया, तो उसके बाद ‘पसंद नहीं आया’, ‘कटा-फटा’ या ‘गलत साइज़’ के आधार पर कोई रिटर्न स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे वेंडर पुराने इस्तेमाल किए हुए कपड़ों के रिटर्न के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

6.3 वेंडर द्वारा ऑर्डर कैंसिलेशन: यदि वेंडर ऑर्डर स्वीकार करने के बाद स्टॉक न होने के कारण उसे कैंसिल करता है, तो वेंडर पर निर्धारित ‘डिस्पैच डिफॉल्ट पेनल्टी’ लगाई जाएगी, जो उसके अगले पेआउट से काटी जाएगी।

फ़ाइल 2: खराब/एक्सपायर्ड सामान और रिफंड एडजस्टमेंट (Damaged/Expired Item & Refund Adjustment)

6.4 वेंडर की आर्थिक जिम्मेदारी: यदि उत्पाद ‘चेकिंग’ के दौरान कटा-फटा (Torn), क्षतिग्रस्त (Damaged), गलत (Wrong) या एक्सपायर्ड पाया जाता है और ग्राहक उसे रिजेक्ट कर देता है, तो उस पूरी ट्रिप का लॉजिस्टिक्स शुल्क (Forward & Reverse Delivery Fee) वेंडर के खाते से काटा जाएगा।

6.5 तत्काल रिफंड एडजस्टमेंट: यदि ग्राहक ने ऑनलाइन भुगतान किया था और सामान मौके पर रिजेक्ट हो गया, तो वह पूरी राशि वेंडर के डेली बैलेंस या अगले सेटलमेंट से तुरंत एडजस्ट (Adjust) कर ली जाएगी ताकि ग्राहक को तत्काल रिफंड दिया जा सके।

6.6 सफल डिलीवरी पर ही भुगतान: वेंडर को केवल उन्हीं ऑर्डर्स का भुगतान (Payout) मिलेगा जो ग्राहक द्वारा सफलतापूर्वक स्वीकार कर लिए गए हैं। रिजेक्टेड ऑर्डर्स पर वेंडर को कोई राशि देय नहीं होगी।

3: गलत रिटर्न और विवाद प्रबंधन (False Return Case Handling)

6.7 रिटर्न वेरिफिकेशन (On-arrival Check): रिजेक्ट किया गया सामान राइडर द्वारा 1 से 2 घंटे के भीतर वेंडर को वापस कर दिया जाएगा। वेंडर को सामान वापस लेते समय उसकी तुरंत जाँच करनी होगी।

6.8 विवाद की समय सीमा (60-Minute Window): यदि वेंडर को लगता है कि राइडर ने सामान बदलते समय या रास्ते में खराब किया है, तो उसे सामान वापस मिलने के 60 मिनट के भीतर फोटो/वीडियो सबूतों के साथ शिकायत दर्ज करनी होगी। इस समय सीमा के बाद कोई भी विवाद मान्य नहीं होगा।

6.9 राइडर रिपोर्ट ही अंतिम साक्ष्य: चूंकि डिलीवरी ग्राहक और राइडर के सामने चेक की गई है, इसलिए राइडर द्वारा ऐप पर डाली गई ‘रिजेक्शन रिपोर्ट’ को ही प्राथमिकता दी जाएगी। वेंडर को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह केवल उच्च गुणवत्ता वाला सामान ही भेजे ताकि पकड़े जाने का जोखिम न रहे।

7: ग्राहक डेटा उपयोग पर प्रतिबंध (Customer Data Usage Restriction)

7.1 डेटा का सीमित उपयोग: वेंडर को प्राप्त ग्राहक की जानकारी (जैसे नाम, मोबाइल नंबर, और पता) केवल और केवल ऑर्डर की पैकिंग और डिलीवरी के उद्देश्य के लिए है।

7.2 डेटा साझा करना वर्जित: वेंडर किसी भी स्थिति में ग्राहक के व्यक्तिगत डेटा को किसी तीसरे पक्ष (Third Party) के साथ साझा, बेचना या किराए पर नहीं दे सकता।

7.3 डेटा रिटेंशन: ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर होने और रिटर्न विंडो समाप्त होने के बाद, वेंडर को अपने रिकॉर्ड से ग्राहक की संवेदनशील जानकारी को हटाना होगा। वेंडर ग्राहक का डेटाबेस (Database) बनाने के लिए अधिकृत नहीं है।

2: मार्केटिंग और बाहरी संपर्क पर प्रतिबंध (Marketing Ban)

7.4 सीधा संपर्क निषेध (No Direct Contact): वेंडर किसी भी ग्राहक को सीधे कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप (WhatsApp) करने के लिए वर्जित है, सिवाय उस स्थिति के जब ऑर्डर डिलीवरी के लिए बहुत ज़रूरी हो।

7.5 मार्केटिंग प्रतिबंध: वेंडर ग्राहक के डेटा का उपयोग अपनी दुकान के प्रमोशन, डिस्काउंट मैसेज या किसी भी प्रकार की मार्केटिंग गतिविधियों के लिए नहीं कर सकता।

7.6 पैकेजिंग में बाहरी सामग्री: वेंडर अपने पार्सल के अंदर अपनी व्यक्तिगत दुकान का विजिटिंग कार्ड, क्यूआर कोड (QR Code), या कोई भी ऐसा पंपलेट नहीं डाल सकता जो ग्राहक को Piczo.in के बाहर खरीदारी के लिए प्रेरित करे।

फ़ाइल 3: डेटा लीक और गोपनीयता उल्लंघन दंड (Data Leak Penalty)

7.7 डेटा लीक की जिम्मेदारी: यदि वेंडर की ओर से किसी भी प्रकार का डेटा लीक होता है या ग्राहक की गोपनीयता का उल्लंघन होता है, तो इसकी पूरी कानूनी जिम्मेदारी वेंडर की होगी।

7.8 दंडात्मक कार्रवाई (Penalty): डेटा गोपनीयता के उल्लंघन की स्थिति में, कंपनी (Piczo) वेंडर पर भारी मौद्रिक जुर्माना (जैसे ₹50,000 या उससे अधिक) लगा सकती है।

7.9 अकाउंट निलंबन (Account Suspension): डेटा के दुरुपयोग का दोषी पाए जाने पर वेंडर का अकाउंट बिना किसी पूर्व सूचना के स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट/टर्मिनेट कर दिया जाएगा और कानूनी कार्यवाही (Legal Action) शुरू की जा सकती है।

8: अनिवार्य लाइसेंस और पंजीकरण (Valid Licenses Mandatory)

8.1 व्यापार लाइसेंस (Business Licenses): वेंडर के पास अपने व्यवसाय को संचालित करने के लिए सभी आवश्यक सरकारी अनुमति और लाइसेंस (जैसे GST Registration, Trade License, FSSAI – यदि खाद्य पदार्थ हैं) होना अनिवार्य है।

8.2 दस्तावेजों की वैधता: वेंडर को समय-समय पर अपने अपडेटेड कानूनी दस्तावेज कंपनी (Piczo) के पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। यदि कोई लाइसेंस एक्सपायर (Expire) हो जाता है, तो वेंडर की लिस्टिंग तुरंत रोक दी जाएगी।

8.3 पहचान सत्यापन (KYC): वेंडर को अपना पैन कार्ड (PAN), आधार कार्ड (Aadhar), और बैंक खाता विवरण (Cancelled Cheque) सही-सही प्रदान करना होगा। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

2: सरकारी नियमों का पालन (Compliance with Government Rules)

यह फाइल आपकी कंपनी को टैक्स और ई-कॉमर्स नियमों से सुरक्षित रखती है।

8.4 ई-कॉमर्स नियम 2020: वेंडर भारत सरकार के ‘Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020’ के तहत सभी नियमों का पालन करने के लिए बाध्य है। इसमें पारदर्शी कीमत (MRP) और सही प्रोडक्ट जानकारी देना शामिल है।

8.5 टैक्स जिम्मेदारी (Tax Compliance): बेचे गए उत्पादों पर लगने वाले GST या अन्य करों को सरकार को जमा करने की पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी। वेंडर ग्राहक को एक वैध टैक्स इनवॉइस (Bill) प्रदान करेगा।

8.6 विज्ञापनों में सत्यता: वेंडर किसी भी उत्पाद के बारे में भ्रामक (Misleading) दावे नहीं करेगा। यदि उत्पाद “Check then Pay” के दौरान विवरण से अलग पाया गया, तो वेंडर पर सरकारी नियमों के उल्लंघन के तहत कार्यवाही हो सकती है।

फ़ाइल 3: प्रतिबंधित उत्पाद और सामग्री (Prohibited Products & Content)

यह सबसे संवेदनशील हिस्सा है जो आपके प्लेटफॉर्म पर गलत सामान बिकने से रोकता है।

8.7 प्रतिबंधित उत्पादों की सूची (Prohibited Items): वेंडर कोई भी ऐसा उत्पाद नहीं बेचेगा जो कानूनन वर्जित हो, जैसे—नशीले पदार्थ, हथियार, विस्फोटक, नकली (Fake/Counterfeit) ब्रांडेड सामान, या कोई भी आपत्तिजनक सामग्री।

8.8 कॉपीराइट और ट्रेडमार्क: वेंडर किसी दूसरे ब्रांड का लोगो या नाम इस्तेमाल करके नकली सामान (जैसे ‘Adibas’ की जगह ‘Adidas’ दिखाना) नहीं बेच सकता। बौद्धिक संपदा (IPR) के उल्लंघन की पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी।

8.9 दंडात्मक कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग: यदि वेंडर कोई प्रतिबंधित उत्पाद बेचते हुए पाया जाता है, तो कंपनी उसका अकाउंट तुरंत स्थायी रूप से ब्लॉक (Blacklist) कर देगी और सुरक्षा एजेंसियो (Police/Authorities) को सूचित करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

9: डिलीवरी विकल्प और पिकअप समय सीमा (Delivery Models & Pickup SLA)

9.1 Piczo डिलीवरी (Platform Logistics): Piczo के राइडर का उपयोग करने वाले वेंडर्स को ऑर्डर प्राप्त होने के अधिकतम 2 मिनट के भीतर उसे स्वीकार (Accept) करना होगा और 5 मिनट के भीतर उसे पूरी तरह पैक करके ‘Ready to Handover’ मार्क करना होगा।

9.2 “5-Minute Ready” नियम: चूँकि राइडर स्टोर के पास से ही असाइन होगा, वेंडर को राइडर के आने से पहले पैकेट तैयार रखना अनिवार्य है। राइडर को स्टोर पर 2 मिनट से अधिक प्रतीक्षा (Waiting) नहीं कराई जाएगी।

9.3 सेल्फ़-डिलीवरी (Vendor Self-Delivery): यदि वेंडर स्वयं डिलीवरी करता है, तो उसे Piczo के 30 से 60 मिनट के “Check then Pay” वादे को पूरा करना होगा। समय सीमा का उल्लंघन होने पर वेंडर की रेटिंग कम कर दी जाएगी।

फ़ाइल 2: समय प्रतिबद्धता और विलंब दंड (Time Commitment & Penalties)

9.4 समय की पाबंदी (Strict SLA): 30-मिनट की डिलीवरी के लिए वेंडर का रिस्पॉन्स टाइम (Acceptance + Packing) कुल 7 मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए।

9.5 वेटिंग चार्ज (Waiting Fee): यदि वेंडर की तैयारी में देरी के कारण राइडर को स्टोर पर रुकना पड़ता है, तो वेंडर के डेली पेआउट से प्रति मिनट के हिसाब से ‘Rider Waiting Fee’ काटी जाएगी।

9.6 ऑटो-कैंसिलेशन (10-Minute Rule): यदि ऑर्डर आने के 10 मिनट के भीतर वेंडर उसे ‘Ready’ मार्क नहीं करता, तो ऑर्डर सिस्टम द्वारा ऑटो-कैंसिल कर दिया जाएगा और वेंडर पर ‘Missed Order Penalty’ (ऑर्डर वैल्यू का 20% या निर्धारित शुल्क) लगाई जाएगी।

फ़ाइल 3: ट्रांजिट डैमेज और सुरक्षा (Damage in Transit & Packing)

तेज़ डिलीवरी के दौरान सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

9.7 क्विक-ओपन पैकिंग (Quick-Check Packaging): वेंडर को ऐसी पैकिंग सामग्री का उपयोग करना होगा जो बाइक पर तेज़ गति (Fast Transit) के दौरान सुरक्षित रहे, लेकिन ग्राहक द्वारा “Check then Pay” के दौरान 1 मिनट में खोली और जाँची जा सके।

9.8 ट्रांजिट क्षति की जिम्मेदारी: * Piczo राइडर: यदि बाहरी पैकिंग सही है लेकिन अंदर का सामान टूटा निकलता है, तो इसे ‘दोषपूर्ण पैकिंग’ माना जाएगा और इसका हर्जाना वेंडर भरेगा।

सेल्फ़-डिलीवरी: वेंडर द्वारा की गई डिलीवरी में रास्ते में होने वाली किसी भी टूट-फूट या चोरी की 100% जिम्मेदारी वेंडर की होगी।

9.9 सफल हैंडओवर: राइडर द्वारा सामान पिकअप करते समय उसकी बाहरी स्थिति की पुष्टि की जाएगी। एक बार राइडर द्वारा ‘पिकअप’ मार्क करने के बाद, ट्रांजिट की प्राथमिक जिम्मेदारी राइडर की होगी, बशर्ते पैकिंग मानकों के अनुरूप हो।

10: SLA उल्लंघन और समय की पाबंदी (SLA Violation & Late Dispatch)

समय पर ऑर्डर तैयार न करने वाले वेंडर्स के लिए यह फाइल है।

10.1 डिस्पैच में देरी (Delay Penalty): यदि वेंडर ऑर्डर स्वीकार करने के बाद निर्धारित 5 मिनट के भीतर उसे ‘Ready to Dispatch’ मार्क नहीं करता, तो प्रत्येक 2 मिनट की अतिरिक्त देरी पर ₹10 से ₹50 (ऑर्डर वैल्यू के अनुसार) का ‘Late Prep Fee’ काटा जाएगा।

10.2 राइडर वेटिंग चार्ज: यदि राइडर स्टोर पर पहुँच चुका है और वेंडर के कारण उसे 2 मिनट से ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ता है, तो वेंडर के पेआउट से प्रति मिनट के हिसाब से ‘Waiting Charge’ काटा जाएगा जो सीधे राइडर के प्रोत्साहन (Incentive) में जोड़ा जाएगा।

10.3 ऑर्डर मिस होना (Missed Order): यदि वेंडर 10 मिनट तक ऑर्डर का जवाब नहीं देता, तो ऑर्डर ऑटो-कैंसिल हो जाएगा और वेंडर पर ऑर्डर वैल्यू का 10-20% ‘Cancellation Penalty’ लगाई जाएगी।

फ़ाइल 2: स्टॉक और प्रोडक्ट की गड़बड़ी (Stock Mismatch & Quality Issues)

गलत जानकारी देने वाले वेंडर्स के लिए नियम।

10.4 स्टॉक मिसमैच (Out of Stock): वेंडर को अपना स्टॉक रियल-टाइम में अपडेट रखना होगा। यदि ग्राहक के ऑर्डर करने के बाद वेंडर कहता है कि “सामान नहीं है”, तो इसे ‘Inventory Negligence’ माना जाएगा और वेंडर पर जुर्माना लगाया जाएगा।

10.5 गलत/डैमेज प्रोडक्ट (Quality Penalty): यदि “Check then Pay” के दौरान उत्पाद ‘कटा-फटा’ या ‘विवरण से अलग’ पाया जाता है और रिजेक्ट होता है, तो वेंडर को उस ट्रिप का पूरा डिलीवरी चार्ज देना होगा और साथ ही वेंडर की रेटिंग कम कर दी जाएगी।

10.6 एक्सपायर्ड आइटम: खाने-पीने या कॉस्मेटिक सामान में एक्सपायरी मिलने पर वेंडर का अकाउंट 7 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

फ़ाइल 3: शिकायतें और सख्त कार्रवाई (Customer Complaints & Repeated Violations)

लगातार गलती करने वाले वेंडर्स के लिए अंतिम चेतावनी।

10.7 ग्राहक शिकायत (Customer Disputes): यदि किसी वेंडर के खिलाफ व्यवहार (Behavior) या पैकिंग को लेकर 3 से ज़्यादा शिकायतें आती हैं, तो वेंडर की लिस्टिंग को प्लेटफॉर्म पर नीचे (Down-rank) कर दिया जाएगा।

10.8 दोहराव वाले उल्लंघन (Repeated Violations): यदि वेंडर एक ही महीने में 5 बार से ज़्यादा समय या क्वालिटी के नियमों को तोड़ता है, तो उसका अकाउंट ‘Blacklist’ की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।

10.9 स्टोर टर्मिनेशन (Permanent Ban): गंभीर धोखाधड़ी, नकली सामान (Fake Brands), या ग्राहकों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने पर वेंडर का स्टोर Piczo.in से हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा और उसका बचा हुआ पेआउट जब्त किया जा सकता है।

11: अकाउंट सस्पेंशन के आधार (Account Suspension Grounds)

यह ‘अस्थायी रोक’ (Temporary Stop) के बारे में है, जो वेंडर को सुधरने का मौका देती है।

11.1 उच्च रिजेक्शन दर (High Rejection Rate): यदि “Check then Pay” के दौरान गुणवत्ता के कारण वेंडर के 15% से अधिक ऑर्डर रिजेक्ट होते हैं, तो अकाउंट 3 से 7 दिनों के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।

11.2 समय का उल्लंघन (SLA Breach): यदि वेंडर लगातार 10 मिनट से अधिक समय में ऑर्डर तैयार करता है, जिससे 30-मिनट की डिलीवरी फेल होती है, तो उसे ‘सुधार अवधि’ (Cooling-off Period) में डाल दिया जाएगा।

11.3 स्टॉक अपडेट न करना: बार-बार ‘Out of Stock’ होने के कारण ऑर्डर कैंसिल करने पर वेंडर की लिस्टिंग अस्थायी रूप से हटा दी जाएगी।

फ़ाइल 2: स्थायी प्रतिबंध के नियम (Permanent Ban / Termination)

यह गंभीर गलतियों के लिए है, जहाँ वेंडर को प्लेटफॉर्म से हमेशा के लिए निकाल दिया जाता है।

11.4 धोखाधड़ी और नकली सामान (Fraud & Counterfeit): यदि वेंडर नकली ब्रांडेड सामान (Fake Brands) बेचता है या ग्राहक के साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी करता है, तो उसे तुरंत और स्थायी रूप से बैन कर दिया जाएगा।

11.5 डेटा का दुरुपयोग: ग्राहक का नंबर चुराकर उसे सीधे मार्केटिंग मैसेज भेजना या प्लेटफॉर्म के बाहर व्यापार करने के लिए उकसाना ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आता है और इसमें अकाउंट तुरंत बंद कर दिया जाएगा।

11.6 अभद्र व्यवहार: राइडर या ग्राहक के साथ गाली-गलौज या दुर्व्यवहार करने पर वेंडर का एग्रीमेंट बिना किसी सुनवाई के खत्म कर दिया जाएगा।

11.7 कानूनी उल्लंघन: बिना वैध लाइसेंस के व्यापार करना या प्रतिबंधित (Illegal) सामान बेचने पर तुरंत टर्मिनेशन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फ़ाइल 3: नोटिस अवधि और बकाया भुगतान (Notice Period & Settlement)

अकाउंट बंद होने की कानूनी प्रक्रिया।

11.8 वेंडर द्वारा स्वैच्छिक निकास: यदि वेंडर अपना स्टोर बंद करना चाहता है, तो उसे 15 से 30 दिन पहले लिखित नोटिस देना होगा ताकि सभी लंबित ऑर्डर्स और पेमेंट पूरे किए जा सकें।

11.9 कंपनी द्वारा तत्काल टर्मिनेशन: गंभीर सुरक्षा उल्लंघन या धोखाधड़ी के मामले में कंपनी को बिना किसी पूर्व सूचना (No Notice) के अकाउंट बंद करने का अधिकार है।

11.10 अंतिम भुगतान (Final Settlement): अकाउंट बंद होने के बाद, वेंडर का अंतिम भुगतान सभी पेनाल्टी और डैमेज चार्जेस काटने के बाद 30 से 45 दिनों के भीतर किया जाएगा।

11.11 डेटा वापसी: स्टोर बंद होने के बाद वेंडर को Piczo के सभी डिजिटल एसेट्स और ग्राहक डेटा (यदि कोई हो) का उपयोग बंद करना होगा।

12: उत्पाद के लिए वेंडर की पूर्ण जिम्मेदारी (Vendor Responsible for Product)

यह फाइल स्पष्ट करती है कि सामान की शुद्धता और सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल वेंडर की है।

12.1 गुणवत्ता और सुरक्षा: वेंडर यह गारंटी देता है कि उसके द्वारा बेचे जा रहे सभी उत्पाद सुरक्षित, वैध और सरकारी मानकों (जैसे FSSAI, BIS, आदि) के अनुरूप हैं। उत्पाद से होने वाले किसी भी नुकसान (जैसे स्किन एलर्जी, फूड पॉइजनिंग, या इलेक्ट्रॉनिक डैमेज) के लिए वेंडर अकेले जिम्मेदार होगा।

12.2 वारंटी और गारंटी: उत्पाद पर दी गई किसी भी वारंटी या गारंटी को पूरा करने की जिम्मेदारी वेंडर की होगी। Piczo.in केवल एक प्लेटफॉर्म है और वह उत्पाद की परफॉरमेंस की जिम्मेदारी नहीं लेता।

12.3 नकली सामान (Counterfeit): यदि वेंडर किसी ब्रांड का नकली सामान बेचता है, तो ब्रांड की ओर से होने वाली किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए वेंडर स्वयं उत्तरदायी होगा।

फ़ाइल 2: कानूनी दावों से सुरक्षा (Legal Claims Protection / Indemnity)

यह हिस्सा आपकी कंपनी को वेंडर की गलतियों के कारण होने वाले मुकदमों से बचाता है।

12.4 क्षतिपूर्ति (Indemnification): वेंडर सहमत है कि यदि उसकी किसी गलती, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के कारण Piczo.in, उसके कर्मचारियों या राइडर्स पर कोई कानूनी केस, जुर्माना या सरकारी पेनल्टी लगती है, तो वेंडर उस पूरे खर्च (वकील की फीस सहित) की भरपाई करेगा।

12.5 ग्राहक विवाद: यदि ग्राहक उत्पाद की खराबी को लेकर कोर्ट या कंज्यूमर फोरम जाता है, तो वेंडर को उस केस में मुख्य पक्ष (Primary Party) के रूप में उपस्थित होना होगा और कंपनी को सभी कानूनी खर्चों से मुक्त रखना होगा।

फ़ाइल 3: प्लेटफॉर्म की सीमित देयता (Platform Liability Limit)

यह आपकी कंपनी की आर्थिक जिम्मेदारी की सीमा तय करता है।

12.6 अप्रत्यक्ष नुकसान (Indirect Loss): Piczo.in किसी भी स्थिति में वेंडर के व्यापार में होने वाले नुकसान, मुनाफे की कमी या डेटा हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

12.7 अधिकतम देयता (Liability Cap): किसी भी विवाद की स्थिति में, Piczo.in की अधिकतम जिम्मेदारी वेंडर द्वारा उस विशिष्ट ऑर्डर पर चुकाए गए कमीशन (Commission) तक ही सीमित होगी। उससे अधिक किसी भी राशि का दावा वेंडर नहीं कर सकता।

12.8 तकनीकी खराबी: ऐप या वेबसाइट में किसी तकनीकी खराबी (Downtime) के कारण यदि वेंडर को ऑर्डर नहीं मिल पाते, तो कंपनी इसके लिए किसी हर्जाने की हकदार नहीं होगी।

13: प्राकृतिक आपदा और मौसम संबंधी नियम (Natural Disasters & Weather)

चूँकि आपकी डिलीवरी बाइक से होनी है, इसलिए खराब मौसम का नियम बहुत ज़रूरी है।

13.1 खराब मौसम और भारी बारिश: यदि भारी बारिश, जलभराव (Waterlogging) या अत्यधिक तूफान जैसी स्थिति होती है, तो कंपनी 30-60 मिनट की समय सीमा (SLA) को अस्थायी रूप से हटा सकती है। ऐसी स्थिति में वेंडर पर देरी के लिए कोई पेनल्टी नहीं लगेगी।

13.2 दैवीय घटनाएँ (Acts of God): भूकंप, बाढ़, आग या महामारी जैसी स्थितियों में यदि वेंडर का स्टोर या कंपनी का ऑपरेशन बंद होता है, तो इसे अनुबंध का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

13.3 सुरक्षा सर्वोपरि: किसी भी आपदा के दौरान यदि राइडर की सुरक्षा को खतरा हो, तो कंपनी ऑर्डर को कैंसिल या होल्ड करने का अधिकार रखती है, और वेंडर इसके लिए नुकसान की भरपाई की मांग नहीं कर सकता।

फ़ाइल 2: तकनीकी खराबी और सर्वर डाउनटाइम (Server Failure & Tech Glitches)

एक डिजिटल ऐप के रूप में, तकनीक पर निर्भरता के नियम यहाँ दिए गए हैं।

13.4 सर्वर और ऐप फेलियर: यदि Piczo.in के सर्वर में कोई तकनीकी खराबी आती है या ऐप क्रैश होता है, जिससे ऑर्डर वेंडर तक नहीं पहुँच पाते या राइडर असाइन नहीं हो पाता, तो कंपनी किसी भी संभावित व्यावसायिक नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगी।

13.5 इंटरनेट शटडाउन: यदि सरकारी आदेशानुसार किसी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद की जाती हैं, तो उस दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी पेंडिंग ऑर्डर या पेमेंट विवाद को ‘Force Majeure’ के तहत निपटाया जाएगा।

13.6 डेटा बैकअप: तकनीकी खराबी के दौरान डेटा की सुरक्षा का प्रयास कंपनी करेगी, लेकिन वेंडर को सलाह दी जाती है कि वह अपने दैनिक ऑर्डर्स का भौतिक या डिजिटल रिकॉर्ड स्वयं भी रखे।

फ़ाइल 3: सरकारी प्रतिबंध और आपातकाल (Government Restrictions & Emergency)

अचानक लगने वाले नियमों से बचाव के लिए।

13.7 अचानक कर्फ्यू या प्रतिबंध: यदि स्थानीय प्रशासन अचानक धारा 144, कर्फ्यू या सड़क बंदी (Road Closure) लागू करता है, तो 30-मिनट की डिलीवरी की प्रतिबद्धता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।

13.8 नीतिगत बदलाव: यदि सरकार ई-कॉमर्स या लॉजिस्टिक्स नियमों में ऐसा कोई बदलाव करती है जिससे वर्तमान ‘Check then Pay’ मॉडल प्रभावित होता है, तो कंपनी को अनुबंध की शर्तों को तुरंत बदलने या सेवा रोकने का अधिकार होगा।

13.9 वेंडर की सूचना जिम्मेदारी: यदि वेंडर के क्षेत्र में कोई स्थानीय दंगा, हड़ताल या विरोध प्रदर्शन हो रहा है जिससे दुकान खोलना संभव न हो, तो वेंडर को 15 मिनट के भीतर ऐप पर ‘Store Offline’ करना होगा ताकि ग्राहक परेशान न हों।

14: लागू कानून और शासी विधान (Governing Law – India)

यह फाइल विवादों के लिए कानूनी आधार तय करती है।

14.1 भारतीय कानूनों का पालन: यह अनुबंध (Agreement) पूरी तरह से भारत के प्रचलित कानूनों के अधीन होगा। वेंडर और कंपनी दोनों भारतीय अनुबंध अधिनियम (Indian Contract Act) और ई-कॉमर्स नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हैं।

14.2 नियमों की व्याख्या: इस पॉलिसी की किसी भी शर्त की व्याख्या भारतीय न्यायपालिका के मानकों के अनुसार की जाएगी। यदि किसी नियम में बदलाव होता है, तो वह भारत के राजपत्र (Gazette) के अनुसार मान्य होगा।

फ़ाइल 2: न्यायालय का अधिकार क्षेत्र (Court Location – Lucknow Jurisdiction)

विवाद की स्थिति में वेंडर को आपके शहर के चक्कर लगाने होंगे, न कि आपको वेंडर के पास जाना होगा।

14.3 विशेष क्षेत्राधिकार (Exclusive Jurisdiction): वेंडर और कंपनी के बीच होने वाले किसी भी कानूनी विवाद, मुकदमे या अदालती कार्यवाही के लिए केवल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) की अदालतों के पास ही अधिकार होगा।

14.4 अन्य अदालतों का वर्जन: वेंडर किसी अन्य शहर या राज्य की अदालत में कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर सकता। लखनऊ क्षेत्राधिकार का चयन व्यापारिक सुगमता और कंपनी के मुख्यालय को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

फ़ाइल 3: मध्यस्थता और विवाद समाधान (Arbitration Clause)

अदालत के चक्कर काटने से बेहतर है कि आपसी बातचीत या किसी निष्पक्ष व्यक्ति (Arbitrator) के जरिए मामला सुलझाया जाए।

14.5 आपसी सहमति (Amicable Settlement): किसी भी विवाद की स्थिति में, दोनों पक्ष पहले 30 दिनों के भीतर आपसी बातचीत के माध्यम से मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

14.6 मध्यस्थता (Arbitration): यदि आपसी बातचीत विफल रहती है, तो विवाद को ‘Arbitration and Conciliation Act, 1996’ के तहत एक स्वतंत्र मध्यस्थ (Arbitrator) को सौंपा जाएगा। मध्यस्थ की नियुक्ति Piczo.in द्वारा की जाएगी।

14.7 मध्यस्थता की भाषा और स्थान: मध्यस्थता की कार्यवाही लखनऊ में होगी और भाषा हिंदी या अंग्रेजी होगी। मध्यस्थ का निर्णय अंतिम होगा और दोनों पक्षों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Binding) होगा।

14.8 कानूनी खर्च: कानूनी कार्यवाही या मध्यस्थता के दौरान होने वाला खर्च (फीस आदि) वह पक्ष वहन करेगा जिसके खिलाफ फैसला आएगा, या जैसा मध्यस्थ तय करे।

15: नीति में संशोधन का अधिकार (Policy Change Rights)

​यह फाइल सुनिश्चित करती है कि कंपनी के पास नियमों को अपडेट करने का पूरा हक है।

​15.1 संशोधनों का अधिकार: Piczo.in के पास यह सुरक्षित अधिकार है कि वह कभी भी अपनी वेंडर पॉलिसी, कमीशन स्ट्रक्चर, डिलीवरी समय (SLA) या पेनल्टी नियमों में बदलाव, सुधार या अपडेट कर सके।

​15.2 व्यावसायिक आवश्यकता: ये बदलाव सरकारी नियमों, तकनीकी अपडेट या व्यापारिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए किए जा सकते हैं। किसी भी बदलाव के लिए वेंडर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होगा।

​फ़ाइल 2: वेंडर सूचना और स्वीकृति प्रक्रिया (Vendor Acceptance Process)

​यह हिस्सा तय करता है कि वेंडर को बदलावों के बारे में कैसे पता चलेगा और उनकी सहमति कैसे मानी जाएगी।

​15.3 सूचना का माध्यम (Notification): किसी भी नीतिगत बदलाव की सूचना वेंडर को उसके रजिस्टर्ड ईमेल, व्हाट्सएप, या वेंडर ऐप (Dashboard) के माध्यम से दी जाएगी।

​15.4 निरंतर उपयोग का अर्थ: यदि नीति में बदलाव के बाद वेंडर प्लेटफॉर्म पर अपने स्टोर को जारी रखता है और नए ऑर्डर्स स्वीकार करता है, तो यह मान लिया जाएगा कि उसने नए नियमों और शर्तों को स्वीकार (Accept) कर लिया है।

​15.5 असहमति की स्थिति: यदि वेंडर किसी नए बदलाव से असहमत है, तो उसे 7 दिनों के भीतर कंपनी को सूचित करना होगा और अपना अकाउंट बंद (Deactivate) करने का विकल्प चुनना होगा।

​फ़ाइल 3: प्रभावी तिथि और आधिकारिक रिकॉर्ड (Effective Date & Version Control)

​यह कानूनी स्पष्टता के लिए है कि कौन सा नियम कब से लागू हुआ।

​15.6 प्रभावी तिथि (Effective Date): कोई भी नया संशोधन सूचना जारी होने की तिथि या उसमें दी गई विशिष्ट तिथि से प्रभावी माना जाएगा।

​15.7 अंतिम संस्करण (Final Version): विवाद की स्थिति में, कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध पॉलिसी का नवीनतम संस्करण (Latest Version) ही कानूनी रूप से मान्य होगा। पिछले सभी मौखिक या लिखित वादे नए नियमों द्वारा प्रतिस्थापित (Replace) मान लिए जाएंगे।

    16.स्वयं की लिस्टिंग और डायरेक्ट बिक्री (Self-Listing & Direct Sales)

    16.1 Piczo का विक्रेता के रूप में अधिकार:
    Piczo.in के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह प्लेटफॉर्म पर एक ‘विक्रेता’ (Seller) के रूप में अपने स्वयं के उत्पादों को सूचीबद्ध (List) और बेच सके।
    इन उत्पादों के लिए Piczo.in स्वयं जिम्मेदार होगा और उन पर ‘Sold by Piczo’ का टैग लगाया जाएगा।
    16.2 निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा (Fair Competition):
    Piczo यह सुनिश्चित करेगा कि उसके अपने उत्पादों और अन्य वेंडर्स के उत्पादों के बीच स्वस्थ और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
    अन्य वेंडर्स के लिए लागू सभी मानक जैसे 3-मिनट नियम और गुणवत्ता नियंत्रण Piczo के स्वयं के उत्पादों पर भी समान रूप से प्रभावी होंगे।

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